भारतीय शिक्षा प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल एक किताबी विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह क्लासरूम का हिस्सा बन चुका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत, 2026 तक AI को भारतीय शिक्षा के हर स्तर पर एकीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।
How AI Is Changing Indian Education System – Real Examples”

यहाँ कुछ वास्तविक उदाहरण दिए गए हैं कि कैसे AI भारतीय छात्रों और शिक्षकों के जीवन को बदल रहा है:
1. व्यक्तिगत सीखने का अनुभव (Personalized Learning)
भारत में ‘One size fits all’ वाली पुरानी तकनीक अब खत्म हो रही है। AI टूल्स छात्रों की सीखने की क्षमता और गति के अनुसार पढ़ाई को कस्टमाइज़ कर रहे हैं।
- उदाहरण: DIKSHA प्लेटफार्म पर AI-आधारित ‘Personalized Adaptive Learning’ (PAL) का उपयोग किया जा रहा है। यह सिस्टम समझ जाता है कि छात्र को कौन सा कॉन्सेप्ट कठिन लग रहा है और उसे उसी के अनुसार वीडियो या प्रश्न सुझाता है।
2. भाषा की बाधा को खत्म करना (Breaking Language Barriers)
भारत जैसे बहुभाषी देश में भाषा सबसे बड़ी चुनौती रही है।
- उदाहरण: NCERT ने AI और मशीन लर्निंग का उपयोग करके कक्षा 1 और 2 की पाठ्यपुस्तकों का 22 भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र अपनी मातृभाषा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर पा रहे हैं।
3. दिव्यांग छात्रों के लिए वरदान (Inclusive Education)
AI उन छात्रों की मदद कर रहा है जिन्हें देखने, सुनने या सीखने में कठिनाई होती है।
- उदाहरण (DIKSHA): इस प्लेटफार्म पर अब ‘Read-aloud’ फीचर है जो दृष्टिबाधित छात्रों के लिए टेक्स्ट को आवाज में बदल देता है।
- उदाहरण (ScreenPlay & Readabled): ये AI टूल्स डिस्लेक्सिया (Dyslexia) और ऑटिज्म जैसे विकारों की शुरुआती पहचान करने में मदद कर रहे हैं, जिससे समय रहते बच्चों को सही सहायता मिल सके。
4. स्कूलों का स्मार्ट प्रबंधन (Smart School Management)
सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, स्कूलों का प्रशासन भी अब डेटा-संचालित हो गया है।
- उदाहरण (Vidya Samiksha Kendra): गुजरात से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अब राष्ट्रीय स्तर पर लागू है। यह AI और बिग डेटा का उपयोग करके 15 लाख से अधिक स्कूलों के रियल-टाइम डेटा (उपस्थिति, सीखने के परिणाम आदि) पर नज़र रखता है। इससे ड्रॉपआउट दर को कम करने में मदद मिल रही है।
5. कौशल विकास और सरकारी पहल (Skill Development)
सरकार छात्रों को केवल AI का ‘उपयोगकर्ता’ नहीं, बल्कि ‘निर्माता’ बनाना चाहती है।
- उदाहरण (YUVAI): ‘युवा AI’ कार्यक्रम के तहत कक्षा 8-12 के छात्रों को AI स्किल्स सिखाई जा रही हैं ताकि वे कृषि, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसी समस्याओं का समाधान निकाल सकें।
- उदाहरण (PMKVY 4.0): जून 2025 तक लगभग 36,000 से अधिक लोगों को AI में प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें 45% महिलाएँ हैं।
निष्कर्ष
भारतीय शिक्षा में AI का उद्देश्य शिक्षकों की जगह लेना नहीं, बल्कि उन्हें सशक्त बनाना है। IIT Madras में स्थापित ‘AI for Education’ केंद्र जैसे संस्थान यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि भविष्य की शिक्षा अधिक न्यायसंगत, सुलभ और प्रभावी हो।
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